Rajasthan Patwari Salary in Hand 2020 Probation period राजस्थान पटवारी का वेतन Rajasthan Patwari Salary in Hand 2020 Probation period राजस्थान पटवारी का वेतन - Study Govt Exam

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Tuesday, October 13, 2020

Rajasthan Patwari Salary in Hand 2020 Probation period राजस्थान पटवारी का वेतन


Rajasthan Patwari Salary in Hand 2020  राजस्थान पटवारी का वेतन


Rajasthan Patwari Salary in Hand 2020 Probation period राजस्थान में पटवारी की वर्तमान में एक बड़ी भर्ती हो रही है जिन अभ्यर्थियों ने राजस्थान पटवारी भर्ती 2020 का फॉर्म भरा है वह अधिकांश अभ्यर्थी यह जानना चाहते हैं कि Rajasthan Patwari ko Kitni Salary Milti hai. राजस्थान पटवारी भर्ती के लिए इस बार 10 लाख से भी अधिक आवेदन आए हैं.वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए सरकार ने राजस्थान पटवारी भर्ती की एग्जाम डेट 28 फरवरी 2020 को आयोजित करने का फैसला लिया है. पहली बार राजस्थान पटवारीीी भर्ती में बड़ा बदलाव किया गया है इस बार राजस्थान पटवारी भर्ती 2020 में सिर्फ एक ही पेपर होगा और एक पेपर के आधार पर ही कटऑफ तैयार की जाएगी. Final रूप से चयन होने वाले अभ्यार्थियों से पहले डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन कराया जाएगा

Rajasthan Patwari Salary in Hand 2020 Probation period

राजस्थान पटवारी पद के लिए सातवें वेतन आयोग के अनुसार वेतनमान पे मैट्रिक्स लेवल 5 है. Rajasthan patwari salary in probation period राजस्थान में पटवारी का ग्रेड पे 20,800 रुपए है. परंतु पटवारी पदों पर नियुक्त होने वाले कैंडिडेट्स को 2 वर्ष के लिए प्रोबेशन पीरियड पर रखा जाएगा. चयनित अभ्यर्थियों को 6 माह का पटवार प्रशिक्षण भी दिलवाया जाता है. इस दौरान अभ्यर्थी को राज्य सरकार द्वारा एक नीयत तय पारिश्रमिक दिया जाता है. इसके अतिरिक्त उसे अन्य कोई भत्ते नहीं मिलते. प्रोबेशन पीरियड के बाद अभ्यर्थी को बेसिक वेतन के साथ में अन्य भत्ते जोड़कर सैलरी दी जाती है.

Rajasthan Patwari ko Kitni Salary Milti hai

Pay Grade : 2400
Basic : 20,800 रुपए
Dearance Allowance + HRA + Hard Duty Allowance + अन्य भत्ते
Total Salary = 26,400+ रुपए
NPS कटौती 10%
Net Salary in Hand : 24,380+ रुपए

Some important Works of Patwari


  • पटवारी राजस्व विभाग का कर्मचारी होता है. पटवारी को लेखपाल भी कहा जाता है.
  • यह भारतीय उपमहाद्वीप के ग्रामीण क्षेत्रों में भारत सरकार का प्रशासनिक पद होता है.
  • पटवारी प्रणाली की शुरूआत सर्वप्रथम शेर शाह सूरी के शासनकाल के दौरान हुई और उसके बाद में अकबर ने इस प्रणाली को बढ़ावा दिया.
  • पटवारी ग्राम स्तर पर एक कर्मचारी होता है. जिसके क्षेत्र में एक या एक से अधिक गांव आते है. तथा पटवारी इन गावो की भूमि का पूर्ण विवरण रखते है. जैसे – एक किसान के पास कितनी भूमि है, इस पर लगाम क्या है व् भूमि किस किस्म की है.
  • किसी भूमि का क्रय विक्रय पटवारी (लेखपाल) की सहायता द्वारा ही संपन्न होता है.
  • पटवारी एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी के खेतो के हस्तांतरण का कार्य करता है.
  • पटवारी आपदाओ के दौरान, आपदा प्रबंधन अभियानों में सक्रिय रूप से अपना सहयोग देता है.
  • पटवारी भूमि का आवंटन करता है.
  • पटवरी विकलांग पेंसन, वृद्धवस्था, आय व् जाति प्रमाण पत्र बनवाने में आवेदको की सहायता करता है.






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